रांची : लोहरदगा में आज एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। शंख नदी पर बने रेलवे पुल का एक पीलर/गाटर क्षतिग्रस्त पाए जाने के बाद रांची–लोहरदगा मेमो ट्रेन को समय रहते रोक दिया गया। अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो यह एक बड़ी दुर्घटना में बदल सकता था। मिली जानकारी के अनुसार रांची से चंदवा–टोरी जा रही मेमो ट्रेन संख्या 68027 सुबह करीब 9 बजे रांची से रवाना हुई थी।
आज ट्रेन में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक भीड़ थी। ट्रेन जैसे ही लोहरदगा स्टेशन पहुंचने से कुछ मिनट पहले शंख नदी पर बने रेलवे पुल के पास पहुंची, तभी रेलवे कर्मियों को पुल के गाटर के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही रेलवे कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत ट्रेन को पुल से पहले ही रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ यात्रियों को जब पुल की स्थिति के बारे में बताया गया, तो भय और चिंता साफ तौर पर देखी गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को ट्रेन से उतारा गया और वे रेलवे ट्रैक से होते हुए पैदल पुल पार कर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

इस दौरान कई यात्री अपने-अपने भगवान को शुक्रिया अदा करते नजर आए। यात्रियों का कहना था कि अगर ट्रेन पुल पर पहुंच जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे की सतर्कता और समय पर कार्रवाई की यात्रियों ने सराहना की।
सूत्रों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही रांची से डीआरएम (डीएआरएम) अपनी तकनीकी टीम के साथ लोहरदगा के लिए रवाना हो गए हैं। पुल की स्थिति की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई के बाद ही रेल परिचालन को सामान्य किया जाएगा। फिलहाल रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड पर है और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।






