Saraikela (संजीव मेहता) :आंध्र भक्त श्री राम मंदिरम, बिष्टुपुर में आज भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) और देवी अल्वेलमंगम्मा का कल्याण महोत्सव अत्यंत भक्तिभाव और पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ. सुबह से ही मंदिर परिसर को पुष्पमालाओं, तोरणों और आम्रपल्लवों से सजाया गया. पंडित कोंडामचारुलु के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की शुरुआत गणपति पूजन और मंडप शुद्धि से हुई.
इसके बाद भगवान वेंकटेश्वर एवं देवी अल्वेलमंगम्मा के विग्रहों का भव्य श्रृंगार कर वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य मंडप में विवाह संस्कार सम्पन्न किया गया. विवाह की प्रमुख रस्मों के अंतर्गत वर-वधू रूप में विग्रहों का प्रतिष्ठापन, माला एवं वस्त्र अर्पण, मंगलसूत्र, पुष्पांजलि, चूर्णाभिषेक (विशेष उबटन), पंचामृतस्नान, शोभायात्रा तथा मंडप प्रदक्षिणा जैसे सभी धार्मिक चरण पूरे किए गए. शंख-घंटियों की मंगल ध्वनि और भक्तों के जयघोष के बीच हवन एवं आरती भी सम्पन्न हुई.

श्रद्धालुओं ने अक्षत, नैवेद्य एवं पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.इस अवसर पर पी हेमलता की नेतृत्व में लगभग 100 महिलाओं द्वारा प्रस्तुत दक्षिण भारतीय पारंपरिक शैली की कोलटम नृत्य विशेष आकर्षण रहा, जिसने वातावरण को आनंद और आध्यात्मिक उत्साह से भर दिया. इस अवसर पर श्रीवारी सेवा समिति, मंदिर अध्यक्ष बी. डी. गोपाल कृष्णा महासचिव दुर्गा प्रसाद शर्मा,ट्रस्टी प्रदीप नायडू, उपाध्यक्ष सीएच रमना, महेश राव, नानाजी, नरसिंह राव,डी रामु, राज शेखर,पी कुमार,रवि प्रकाश सहित कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे.




