जमशेदपुर : जमशेदपुर में कार्तिक पूर्णिमा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,जिसे लेकर शहर के दोमुहानी सहित विभिन्न नदी घाटों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही, जहां इनके द्वारा डुबकी लगाकर स्नान की और भगवान सूर्य को जल अर्पित कर परिवार की सुख समृद्धि और शांति की कामना की।वहीं गरीबो के बीच दान की परंपरा को भी निभाया। कहा जाता है कि सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है।

यह तिथि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होती है। इस दिन श्रीहरि की उपासना करने से साधक को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन गंगा स्नान करने के बाद अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक माह की पूर्णिमा को सभी देवी-देवता धरती पर आते हैं और गंगा घाट पर दिवाली मनाते हैं इसलिए इसे देव दीवाली भी कहते है। इसके अलावा यह भी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के एक राक्षस का वध किया था। जिसकी वजह से इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।




