जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम से निर्वाचित प्रतिनिधि सरयू राय ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को ज़मीन पर लागू करने में जो व्यावहारिक चुनौतियाँ हैं, उन्हें समझना अत्यंत आवश्यक है। जब तक उन जटिलताओं का विश्लेषण नहीं होगा, तब तक समाधान खोज पाना संभव नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसे विमर्शों की आवृत्ति बढ़ाई जानी चाहिए, जिससे इस नीति की गहराई तक पहुंचा जा सके।
स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट द्वारा मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के प्रेक्षागृह में आयोजित ‘नीति के कार्यान्वयन के पक्ष’ और ‘शिक्षक अभिनंदन’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने यह बात रखी। इस अवसर पर लगभग 500 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

राय ने मंच पर लगी तीन छवियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि बाईं ओर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, मध्य में मां सरस्वती और दाईं ओर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीरें लगाई गई हैं, जिनका प्रतीकात्मक अर्थ है। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य कैसा होगा और वैश्विक स्तर पर जो बौद्धिक चुनौतियाँ देश के सामने हैं, उनसे निपटने के लिए युवाओं को किस तरह तैयार किया जाए—यही इस नीति का सार है।




