जमशेदपुर : कोल्हान क्षेत्र में श्रमिकों को उनके वैध लाभ से वंचित करने का मामला सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले की कुल 232 कंपनियों ने अभी तक अपने श्रमिकों को वार्षिक बोनस के संबंध में प्रमाण पत्र श्रम विभाग को नहीं सौंपा है। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर अब इन कंपनियों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।

विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों ने पिछले एक महीने में पूर्वी सिंहभूम की 12 और सरायकेला-खरसावां की 8 इकाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की अनुशंसा राज्य मुख्यालय को भेजी है। अनुमति मिलते ही कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, पश्चिमी सिंहभूम की 35 कंपनियों ने समय पर दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं। बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के अनुसार, किसी भी संस्था में यदि 20 या अधिक लोग कार्यरत हैं तो उन्हें लाभ या उत्पादकता के आधार पर न्यूनतम 8.33% और अधिकतम 20% बोनस देना अनिवार्य है। वित्तीय वर्ष समाप्ति के आठ माह के भीतर भुगतान करना जरूरी है। विभाग द्वारा कंपनियों को पहले ही दिसंबर में दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, जिसे अनदेखा किया गया।




