रांची : झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और धनबाद जिलों के 15 प्रवासी युवक दुबई में गंभीर संकट में हैं। तीन महीने पहले ये सभी मसाई कॉन्ट्रेक्टिंग एलएलसी कंपनी में रोजगार की तलाश में एक एजेंट के माध्यम से गए थे। अब न तो उन्हें मेहनताना मिल रहा है, न ही भोजन-पानी की समुचित व्यवस्था है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये वीडियो साझा कर केंद्र और राज्य प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है।

उनका कहना है कि कंपनी ने तीन महीनों से भुगतान रोक रखा है, जिससे वे रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। मकान मालिकों ने किराया न मिलने पर उन्हें घर खाली करने को कहा है। स्थिति तब और चिंताजनक हो गई जब इनमें से चार लोगों के वीजा की वैधता भी समाप्त हो गई है। उन मजदूरो मे हजारीबाग के चुरामन महतो, चंद्रिका महतो, कैलाश महतो, बिशुन महतो, जगन्नाथ सिंह, लखन सिंह, सुखदेव सिंह, अर्जुन महतो, आंगो त्रिलोकी महतो, बालेश्वर महतो है और गिरिडीह के बैजनाथ महतो, महेंद्र महतो, सीताराम महतो, मूरत महतो है और धनबाद के संजय कुमार महतो भी शामिल है। इसके साथ ही गिरिडीह के ही पांच अन्य श्रमिक पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर में फंसे हुए हैं। पीड़ितों ने तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है ताकि उन्हें सुरक्षित घर लाया जा सके।




