रांची : झारखंड के नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस थानों हेतु जेनरेटर की आपूर्ति के पश्चात एक अनुचित निर्णय लेते हुए टेंडर को रद्द कर दिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम.एस. रामचंद्र राव तथा न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने सप्लायर की याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने पाया कि टेंडर निरस्त करने की मंशा संदिग्ध प्रतीत होती है।

मेसर्स जी. एस. इंटरप्राइजेज द्वारा दायर याचिका में उल्लेख किया गया कि उन्हें निविदा प्रक्रिया में चयनित कर आदेश दिया गया था, जिसके तहत उन्होंने 64 यूनिट 10 केवी के जेनरेटर संबंधित थानों को उपलब्ध कराए। विभाग द्वारा गठित तकनीकी समिति ने मशीनों को मानकों के अनुसार पाया, इसके बावजूद राशि नहीं दी गई। बाद में विभाग ने 27 मार्च 2025 को टेंडर रद्द कर दिया, जिस पर आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता ने 2.66 करोड़ रुपये भुगतान की मांग के साथ एक अतिरिक्त आवेदन दायर किया। न्यायालय ने फिलहाल टेंडर रद्द करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है तथा प्रतिवादियों को हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 8 जुलाई को निर्धारित है।




