रांची ( संजीव मेहता) : झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में 1 लाख 60 हजार पद रिक्त पड़े हैं. इन रिक्तियों के मद्देनजर सरकार के विभिन्न विभागों में फिलहाल 50 हजार से ज्यादा पदों पर नियमित नियुक्ति हो सकती है. लेकिन सरकार इस मामले में उदासीन बनी हुई है. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न विभागों में कुल 3 लाख 49 हजार स्वीकृत पद हैं. इन पदों के मुकाबले विभिन्न पदों पर नियमित रूप से सिर्फ 1 लाख 88 हजार कर्मचारी ही कार्यरत हैं. यानि सरकार में स्वीकृत पदों के मुकाबले 1 लाख 60 हजार पद रिक्त हैं.

लेकिन इन सभी पदों पर एक साथ नियुक्तियां नहीं हो सकती है. एक ही बार सभी रिक्त पदों को भरने से प्रोन्नित की प्रक्रिया बाधित हो जाती है. इसलिए सामान्यत: कुल स्वीकृत पदों के मुकाबले औसतन 30 प्रतिशत पदों को खाली रखा जाता है ताकि कर्मचारियों को प्रोन्नति मिलती रहे. प्रोन्नित की प्रक्रिया जारी रखने के लिए 30 प्रतिशत पदों को खाली रख कर सरकार फिलहाल 50 हजार से अधिक स्वीकृत पदों पर नियमित नियुक्ति कर सकती है. सरकारी विभागों में पदों के मुकाबले कर्मचारी नहीं होने की वजह से सरकारी कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं. मैनपावर की कमी के कारण सरकारी कामों में सुस्ती देखा जा रहा है. सरकारी विभागों में कांट्रैक्ट कर्मचारियों की मदद से काम हो रहा है. यहां बेरोजगार युवाओं का शोषण किया जाता है. वहीं युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिल रहा है.




