सरायकेला (संजीव मेहता) : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला तकनीकी उत्सव *”ओजस”* एक ऐसा मंच है जहां तकनीकी शिक्षा में निपुण छात्र अपनी रचनात्मकता, कला और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं. इस वर्ष “ओजस” का भव्य शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया. जिसमें देशभर से आए विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.समारोह का उद्घाटन झारखंड विधान सभा के सभापति रविन्द्र नाथ महतो द्वारा गुरुवार को देर शाम दीप प्रज्वलित कर किया गया. उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि “ओजस” केवल युवाओं के विचारों, कल्पनाओं और रचनात्मक क्षमताओं को एक दिशा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में इडवीनशाव के प्रबंध निदेशक श्रीनिवास श्रीकांत उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों को प्रेरक संदेश दिया. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में आयोजित वार्षिक तकनीकी महोत्सव संस्थान के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक है, जो देशभर के तकनीकी विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल के प्रदर्शन का मंच प्रदान करता है. उद्घाटन समारोह संस्थान के टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स जिमखाना (TSG) में आयोजित किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही.

इस वर्ष के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो थे, जिनका संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके तुरंत बाद संस्थान के निदेशक, डिप्टी डायरेक्टर, रजिस्ट्रार, तकनीकी प्रभारी (PI) और OJASS’25 के संयोजक ने मंच पर आकर मुख्य अतिथि का परिचय दिया और उन्हें संस्थान के तकनीकी योगदान के बारे में जानकारी दी. मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम के महत्व और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला. मुख्य अतिथि के साथ-साथ संस्थान के निदेशक, डिप्टी डायरेक्टर, रजिस्ट्रार और तकनीकी प्रभारी ने भाग लिया. दीप प्रज्वलन के साथ ही समारोह की पवित्रता और गौरवशाली शुरुआत हुई. इस दौरान पूरे सभागार में एक ऊर्जा का संचार हुआ, जिससे प्रतिभागियों और दर्शकों में नया जोश देखने को मिला. दीप प्रज्वलन के तुरंत बाद फेलिसिटेशन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान द्वारा मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया. जिसमें संस्थान के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए और छात्रों को इस आयोजन से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया. संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने अपना संबोधन दिया. उन्होंने इस महोत्सव के आयोजन के पीछे की सोच को स्पष्ट करते हुए कहा कि OJASS सिर्फ एक तकनीकी प्रतियोगिता नहीं, बल्कि नवाचार और रचनात्मकता का एक अद्भुत संगम है. उन्होंने छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें बताया कि कैसे इस तरह के आयोजन उनके भविष्य को एक नई दिशा प्रदान कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान हमेशा से छात्रों को उनके विचारों को मूर्त रूप देने के लिए आवश्यक संसाधन और मंच प्रदान करता आया है और आगे भी करता रहेगा. मुख्य अतिथि श्री रवींद्र नाथ महतो ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के युवा देश का भविष्य हैं और तकनीकी क्षेत्र में उनकी भागीदारी भारत को वैश्विक स्तर पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित कर सकती है. उन्होंने नवाचार और तकनीकी शिक्षा के महत्व पर बल दिया और छात्रों को अपने कौशल को निखारने के लिए इस तरह के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की सलाह दी. उनके विचारों को सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने अत्यंत ध्यान से सुना और सराहा. मुख्य अतिथि के प्रेरणादायक भाषण के बाद एक शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति हुई, जिसने पूरे माहौल को सांस्कृतिक समृद्धि से भर दिया. यह प्रस्तुति ओजस के आयोजकों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई थी, जिसमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य के विभिन्न रूपों का सम्मिलन किया गया था. नृत्य कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभागार तालियों की गूंज से भर गया. यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक था कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और कलात्मक विकास भी छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.




