जमशेदपुर : जमशेदपुर के 237 करोड़ 21 लाख लागत के बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना की निर्माण के बाद भी 11 वर्षों से क्षेत्र के 2 लाख 25 हजार क्षेत्र की जनता बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इतना तक की क्षेत्र वासी 3000 रुपए पानी खरीदने के लिए खर्च कर रहे हैं। इसे लेकर एक बार फिर बागबेड़ा महानगर विकास समिति के बैनर तले महिलाएं उपायुक्त कार्यालय पहुंची और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप कर स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि, 2015 में रघुवर दास की सरकार में 237करोड़ 21 लाख की लागत से परीयोजना की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज स्थिति यह है, कि इसके कई उपकरण और भवन जर्जर होकर ध्वस्त हो जा रही है। लेकिन पाइप के माध्यम से इतने घरों में पानी नहीं पहुंच पाई। इसे लेकर 598 बार जन आंदोलन किया गया था। जिसमें 2022 में पदयात्रा कर लोकसभा घेराव करने निकले थे लेकिन झारखंड सरकार ने रास्ते में रोक कर 2023 में घर घर पानी देने का आश्वासन दिए, लेकिन यह आश्वासन झूठा निकला , जिसे लेकर न्यायालय में जनहित यात्रा याचिका दायर की गई है।

बहरहाल 12 जनवरी को बागबेड़ा रामनगर हनुमान मंदिर मैदान में एक दिवसीय धरना दी जाएगी। जहां यह निर्णय लिया जाएगा की जमशेदपुर से एक बार फिर दिल्ली पदयात्रा कर लोकसभा का घेराव करेंगे। वहीं स्थानीय महिला ने कहा कि क्षेत्र की स्थिति काफी दयनीय है, पानी को लेकर प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ता है। आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद महीने में तीन से ₹4000 पानी खरीदने के लिए खर्च करना पड़ता है, फिर भी उन्हें साफ पानी नहीं मिल पाता है। अब आंदोलन करने के बजाय और कोई रास्ता नहीं बचा है।




