जमशेदपुर : बढ़ते बाल अपराध को लेकर आदर्श सेवा संस्थान की ओर से बाल कल्याण पुलिस पद जातियों के साथ एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन नामक कार्यशाला का आयोजन बिस्टुपुर थाना परिसर स्थित सभागार में किया गया। जिसमें बाल विवाह, पोस्को और जेजे एक्ट विषय पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं एडवाइजर के रूप में JJ एक्ट के मास्टर ट्रेनर पियूष सेन गुप्ता, आदर्श सेवा संस्थान के संस्थापक प्रभा जयसवाल चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पूर्वी घोष सीडीसी के सदस्य रूबी एवं विभिन्न थाना से बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।जिनके द्वारा द्वीप जलाकर किया गया। इस मौके पर पीयूष सेन गुप्ता ने बाल अधिकार नियमों को काफी विस्तार से जानकारी देते हुए इसे पालन करने की बात कही। वही उपस्थित अधिकारियों ने अपनी समस्याओं को रखी जिसका एडवाइजर द्वारा नियमों की जानकारी देकर उसका समाधान किया। इस मौके पर प्रभा जायसवाल ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य बाल अपराध पर रोक लगाने एवं अपराध के बाद नाबालिगो के साथ होने वाली समस्याओं के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है अपराध के मामले में थाना में जिस तरह से बड़ों के साथ किए जाने वाले व्यवहार की तरह ही बच्चों और नाबालिगो के साथ भी की जाती है जो बाल अधिकार कानून सम्मत नहीं है,इसमें और सुधार की आवश्यकता है।

वही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पूर्वी घोष ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि घटना के बाद , समस्या से बचने के लिए थाना के द्वारा रिपोर्ट दर्ज करते समय उम्र को बढ़ाकर जेल भेज देते हैं,जबकि नियमतः उन्हें कन्वेशन होम भेजना है, यही कारण है कि जब वे जेल से छूट के बाहर आते हैं तो अपराध की राह पर चल फिरते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी बच्चा जानबूझकर अपराध नहीं करता वह भूलवश माना जाता है। इसे लेकर cwc,jjb act नियमों को तहत उन्हें अपराध के दायरे से बाहर निकालने के लिए काफी कार्य किया जा रहा है जिस वजह से बाल अपराध में कमी आई है। वही जेजे एक्ट मास्टर ट्रेनर पियूष सेन गुप्ता ने कहा कि बाल अपराध के लिए समाज दोषी है। आजकल के बच्चे कीमती चीजों को जल्द पाने इच्छा में अपराध के राह पर चले जाते हैं इसे लेकर समाज में एक ऐसा प्रावधान लाना होगा जिससे अपराध करने से रोका जा सके तभी स्वच्छ समाज का निर्माण होगा वहीं उन्होंने यह भी कहा कि बाल अपराध कानून के तहत वैसे बच्चों को सुधार का मौका देते है और वे पुनः इस राह पर ना आए इसके लिए मोटिवेट भी किया जाता है ताकि उन्हें सही न्याय मिल सके।




