सरायकेला(संजीव मेहता) : जिला खनन विभाग की टीम ने बीती रात अवैध बालू खनन और भंडारण के विरुद्ध छापेमारी अभियान चलाया। जिसमें टीम ने चौका थाना क्षेत्र में बालू खनन और भंडारण किए जाने का खुलासा किया है,बता दें कि इस क्षेत्र में बालू खनन और भंडारण का अवैध कारोबार पांव पसारने लगा है। यहां धड़ल्ले से बालू का अवैध भंडारण किया जा रहा है। अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ सरायकेला-खरसावां डीसी रविशंकर शुक्ला के निर्देश पर जिला खनन विभाग ने गुरुवार देर रात छापेमारी अभियान चलाया है। इस दौरान खनन विभाग की टीम ने टुईडुंगरी में झाड़ियों के बीच अवैध रूप से भंडारण किये गये 15000 सीएफटी बालू जब्त किया है। जिला खनन पदाधिकारी ज्योतिशंकर सतपथि ने इसकी जानकारी दी। ज्योतिशंकर सतपथि ने कहा कि टाटा-रांची एनएच 33 से कुछ दूरी पर अवैध रूप से डंप कर रखे गये बालू मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। जिसने बालू डंप कराया है, और जिसकी जमीन पर बालू डंप किया गया है। दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जायेगी, बता दें कि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है। प्रशासन द्वारा लगातार छापेमारी और कार्रवाई किये जाने के बावजूद बालू का गौरखधंधा नहीं थम रहा है। यहां शाम ढलने के बाद से ही बालू का अवैधथमरिवहन शुरू हो जाता है। जिन सड़कों से होकर अवैध बालू लदे वाहन गुजरते हैं, उन सड़कों पर थाना, प्रखंड सह अंचल, वन विभाग व अन्य सरकारी कार्यालय अवस्थित है।

पुलिस और सरकारी बाबूओं के संजीदगी के बावजूद बालू लदे वाहन वहां से निकल जाते हैं, ऐसा नहीं है कि पुलिस-प्रशासन इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है। कार्रवाई के क्रम में पुलिस-प्रशासन बालू लदे वाहन जब्त करते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद बालू कारोबारी फिर से पुलिस-प्रशासन से बेखौफ होकर अपने काम में मशरूफ हो जाते हैं। बालू कारोबारी सरकार के नियम व कानूनों को ताक पर रखकर नदियों से बालू का खनन कर रहे हैं। अनुमंडल क्षेत्र में बहने वाली विभिन्न नदियों से बालू का खनन कर उसे चौका व चांडिल थाना क्षेत्र में भंडारण किया जा रहा है। बालू के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।




