पटना : वंदे भारत ट्रेनें बिहार में रेलवे सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार हैं। पटना में नए कोचिंग कंपलेक्स के निर्माण से इन ट्रेनों का रखरखाव सुगम होगा, जिससे सेवा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 2025 तक बढ़ाकर कुल आठ पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से चार ट्रेनें पहले से ही परिचालन में हैं। बिहार के लिए चार अतिरिक्त वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की जाएगी, जिससे यात्रियों को चार-पांच घंटे की बचत होगी। इससे 10 घंटे की यात्रा अब केवल 5-6 घंटों में पूरी की जा सकेगी। पटना से मालदा और टाटानगर के लिए एक-एक वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना है। इसके अलावा, गया से कोलकाता और मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए भी एक-एक वंदे भारत ट्रेन संचालित की जाएगी। पटना-टाटानगर वंदे भारत ट्रेन इस वर्ष 2024 में शुरू होगी, जबकि अन्य तीन ट्रेनें 2025 में परिचालन में आएंगी। रेलवे ने इस विस्तार के लिए ट्रैक की मरम्मत शुरू कर दी है और 60 किलोमीटर नया ट्रैक बिछाया जा रहा है।

पूर्व मध्य रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आठ वंदे भारत ट्रेनें मिलने की उम्मीद है, जिसमें से चार ट्रेनें पहले ही पटना-हावड़ा, पटना-न्यू जलपाईगुड़ी, पटना-लखनऊ और पटना-रांची मार्गों पर चल रही हैं। वंदे भारत की रखरखाव सुविधा के लिए पटना के पाटलिपुत्र जंक्शन के पास कोचिंग कंपलेक्स का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस कंपलेक्स में पटना-हावड़ा, पटना-रांची, पटना-गोमती नगर और पटना-न्यू जलपाईगुड़ी सहित चार वंदे भारत ट्रेनों का रखरखाव किया जाएगा। इस व्यापक विकास से बिहार की रेलवे सेवाओं में तेजी आएगी, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और समय की बचत सुनिश्चित होगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा।




