जमशेदपुर : जमशेदपुर पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी दो चोरी की घटना का अंततः पुलिस ने 3 महीने बाद पटना से तीन अंतराज्यीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को हथियार के साथ गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। ये दोनो चोरियां 17 सितंबर को गोलमुरी थाना क्षेत्र में और 6 नवंबर को बिरसानगर के विजया गार्डन में दिन दहाड़े की गई थी। गोलमुरी में ऋषभ कुमार के फ्लैट से लाखों की जेवरात और नगद की चोरी कर ली गई थी।
वहीं दो महीने बाद 6 नवंबर को विजया गार्डन के ब्लॉक नंबर 24 के 83 नंबर फ्लैट के रहने वाले नेवी मर्चेंट ज्योति सिंह के घर में 60 लाख मूल्य से गहने और नगद की चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसका उद्भेदन करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी। एसएसपी पियूष पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि इसे लेकर घटना के बाद SIT की टीम गठित की गई जिनके द्वारा घटना के दौरान सीसीटीवी में मिली तस्वीर के आधार पर अनुसंधान आरंभ की। जिसमें पुलिस को यह जानकारी मिली कि ये तीनों के द्वारा जमशेदपुर के अलावा झारखंड बिहार और बंगाल के विभिन्न शहरों में भी चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है। जिसके बाद तीनों राज्यों के पुलिस के सहयोग से इनको धड़ पकड़ के लिए छापामारी आरंभ की गई, इतना तक की जमशेदपुर पुलिस नेपाल तक पहुंची लेकिन सफल नहीं हो पाई.

अंततः पिछले दिनों गुप्त सूचना पर अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को एक कट्टा और दो गोली के साथ बिहार के पटना से गिरफ्तार किया गया। जिनके द्वारा स्वीकार किया गया कि वे लोग विभिन्न शहरों में जाकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। जिसके बाद पुलिस तीनों को जमशेदपुर लेकर पहुंची और पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि वे सभी पटना के रहने वाले है और बस से सफर कर विभिन्न शहरों में जाते थे जहां गूगल मैप के माध्यम से किसी भी पॉश इलाके को चिन्हित कर फिर बिना रेकी के ही बंद घर में चोरी को अंजाम दे उसी समय शहर छोड़ कर चले जाते थे, ताकि पुलिस के पकड़ से दूर रहे। एसएसपी ने यह भी बताया कि काफी दिन हो जाने के कारण चोरी के जेवरात और नगद को वे लोग खर्च कर दिए है, पुलिस प्रयास कर रही है कि चोरी के समान को बरामद करने और गिरोह में अगर कोई अन्य भी शामिल हो तो उसकी गिरफ्तारी भी सुनिश्चित कर सके।





