सरायकेला : डॉ. जुझार माझी , अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सरायकेला- खरसावां की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति के द्वारा खरसावां प्रखंड के अंतर्गत डायरिया प्रभावित क्षेत्र ग्राम रीडिंग का भ्रमण किया गया। यह पांच सदस्यीय अनुश्रवण समिति में विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल है जो विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता पूर्वक जांच कर रही है , समिति के द्वारा संभावित विभिन्न स्रोतों से नमूना संग्रहण किया गया जो समिति के विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा सूक्ष्मजीव विज्ञान तकनीकी की मदद से डायरिया फैलाने वाली वास्तविक पैथोजेन का पता लगाया जाएगा ताकि यहां की परिस्थिति को आसानी से नियंत्रण में लिया जा सके।

आपको बताते चलें की विगत कई दिनों से ग्राम रीडिंग में डायरिया महामारी का रूप ले लिया है जहां स्वास्थ्य विभाग के द्वारा शिविर स्थापित कर 24 × 7 चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही है । ताजा आंकड़े के अनुसार अब तक दो व्यक्तियों का निधन डायरिया के कारण हो चुका है तथा कुल 22 व्यक्ति डायरिया के आक्रांत से पीड़ित हैं । जिनका इलाज सदर अस्पताल सरायकेला एवं एम.जी.एम अस्पताल, जमशेदपुर में चल रहा है ।
डॉ. जुझार माझी ने डायरिया फैलने का मुख्य वजह दूषित भोजन एवं अशुद्ध जल को बताया । उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर बासी अथवा दूषित भोजन ग्रहण न करें, हमेशा उबला हुआ पानी को ही पेयजल के रूप में व्यवहार करें। क्षेत्र का अनुश्रवण के दौरान डॉ. जुझार माझी ने तत्काल निर्णय लेते हुए जिला के खाद्य सुरक्षा दल को निर्देश दिया गया एवं होटलों का निरीक्षण करवाया गया।
खाद्य सुरक्षा जांच दल के द्वारा कुल 12 होटलों का निरीक्षण किया गया, सभी होटल संचालकों को नोटिस देते हुए सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर खाद्य पदार्थों को खुले में नहीं रखा जाए, बासी भोजन नहीं परोसा जाए , हमेशा फिल्टर पानी का ही उपयोग के लिए ग्राहकों को दिया जाए। आगे उन्होंने बताया कि होटलों पर नियमित निगरानी की जा रही है दोषी पाए जाने पर होटल संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




