जमशेदपुर : न्यायालय के आदेश पर किए गए कार्रवाई को दरकिनार करते हुए क्षेत्र के नेता व पूर्व मंत्री दुलाल भुइंया ने हेमंत सोरेन को दोषी ठहराते हुए पुतला फूंक कर विरोध जता रहे है। दुलाल ने पुतला दहन के दौरान साफ शब्दों में कहा कि ये न्यायलय का आदेश नहीं था अगर है तो कागज दिखाए,ये कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सोची समझी साजिश और उनके इशारे पर किया गया है।
यही वजह है कि 13 दिन बीत जाने के बावजूद प्रशाशन के कोई भी अधिकारी पीड़ितों से मिलने तक नहीं आए इतना तक की उपायुक्त ने खुद कहा था कि वे जांच करने आएंगे और सहायता प्रदान करेंगे लेकिन वो भी आश्वासन तक ही सीमित रह गया। बता दे कि कार्रवाई के दौरान शहर के कोई भी नेता नहीं आए ना विधायक और ना सांसद इतना तक की खुद दुलाल भी रोकने नहीं। सभी ने शहर में नहीं होने की अपनी मजबूरी गिनाई।

वैसे दुलाल के द्वारा हेमंत पर किए जा रहे लगातार हमले के बावजूद JMM के छुपी साधे रहना शहर वासियों में चर्चा का बिंदु बना हुआ है।बहरहाल अब दुलाल इन बेघर परिवारों के सहानुभूति बटोरने के लिए पुनर्वास की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कह रहे है। वहीं ये बेघर परिवार न्याय के आस में श्मशान घाट में रात बिताने को मजबूर है।





