Saraikela (संजीव मेहता) : राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), एनआईटी जमशेदपुर द्वारा 19 जुलाई को एक विशेष व्यक्तित्व विकास सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें मेजर अभिनंदन सिंह, भारतीय पुलिस सेवा (सेवानिवृत्त) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने अपने प्रेरणादायक जीवन की यात्रा साझा की. भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में प्रवेश, वायुसेना कॉमन प्रवेश परीक्षा (एएफकैट) में सफलता, और एक गंभीर चोट के बाद सेना से प्रशासनिक सेवाओं की ओर रुख करते हुए भारतीय पुलिस सेवा में चयन तक का सफर की बातें बताई. उन्होंने आईएमए से प्राप्त मूलमंत्र चेटवुड सिद्धांत को साझा किया, जिसमें “राष्ट्र पहले, फिर अधीनस्थ और अंत में स्वयं” की भावना निहित है. यही एक सच्चे नेता की पहचान है.

भारत की जनसंख्या में कार्यशील युवाओं की बहुलता को उन्होंने एक अवसर बताया और युवाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में श्रेष्ठता प्राप्त करने का आह्वान किया. मेजर सिंह ने यह संदेश दिया कि शरीर, आत्मा और मस्तिष्क की कोई सीमा नहीं होती. सारी सीमाएँ केवल मन की उपज होती हैं. उन्होंने कहा, “आकाश कोई सीमा नहीं, बल्कि एक शुरुआत है”, और धावक एलियुड किपचोगे का उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि सपना बड़ा हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता. अपने अनुभवों के माध्यम से उन्होंने यह भी बताया कि यदि आपके इरादे शुद्ध हों, तो संपूर्ण सृष्टि आपकी सहायता करती है. उन्होंने निर्णय लेने की कला, निरंतरता, आत्म-अनुशासन और भाग्य की बजाय पुरुषार्थ में विश्वास रखने की प्रेरणा दी.
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के सटीक, प्रेरक और अनुभवजन्य उत्तर दिए. यह आयोजन डॉ. जयेंद्र कुमार (एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक) एवं मुनेश कुमार (एनसीसी प्रमुख प्रशिक्षण अधिकारी) के मार्गदर्शन में तथा एनएसएस एवं एनसीसी के स्वयंसेवकों के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस सत्र ने विद्यार्थियों को जीवन, लक्ष्य और नेतृत्व के प्रति एक नई दृष्टि प्रदान की.




