Saraikela (संजीव मेहता) : आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति एवं सीवरेज निर्माण की प्रगति की सत्यता की जांच माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने D. L. S. A. Seraikella के सचिव (जो कि न्यायायिक पदाधिकारी होते हैं) को सौंपा है. बता दें कि विकास योजनाओं की लेटलतीफी और अनियमितता को लेकर सामाजिक संगठन जन कल्याण मोर्चा ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर रखी है जिसपर 11 अगस्त को सुनवाई हुई है.

माननीय झारखंड उच्च न्यायालय रांची के माननीय मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान एवं न्यायाधीश राजेश शंकर के द्वारा 11 अगस्त 2025 को जनकल्याण मोर्चा आदित्यपुर द्वारा आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति एवं सिवेज सिस्टम में लगभग 4 वर्ष विलंब के कारण जनता को हो रहे भारी असुविधा को देखते हुए दायर जनहित याचिका संख्या में WP(P. I. L)3629/2023 सुनवाई की. यह जनहित याचिका जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश के द्वारा दायर की गई है. इस अति जनुपयोगी मामले में झारखण्ड उच्च न्यायलय के अधिवक्ता मनोज कुमार चौबे एवं अधिवक्ता माधव प्रसाद कर रहे हैं.
* क्या हुआ सुनवाई में –
1.माननीय झारखंड उच्च न्यायालय में GAILके द्वारा शपथ पत्र दायर कर बताया गया है की गैस का पाइप लाइन 270 किलोमीटर जो JIADA एवं आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में है उसका काम पूरा कर लिया गया है. वहीं दूसरी तरफ आदित्यपुर नगर निगम के द्वारा शपथ पत्र दायर कर बताया गया है कि जुडको ने उन्हें रिपोर्ट किया है कि सिवरेज सिस्टम का 102.849 किलोमीटर पाइप डाल दिया गया है एवं 100.96 किलोमीटर सड़क का restoration भी पूरा कर लिया गया है, जो कि करीब 98.16% होता है.
2.जलापूर्ति योजना के तहत जुडको ने आदित्यपुर नगर निगम को बताया है कि कुल 415 .7 किलोमीटर में से 414.2 किलोमीटर का रेस्टोरेशन का काम पूरा कर लिया गया है और 1.5 किलोमीटर में रेस्टोरेशन का काम चल रहा है.
3.JUIDCO को भी आदित्यपुर नगर निगम द्वारा केबल बिछाने के लिए 29. 07.25 को शर्तों के साथ परमिशन दिया गया है.
4.इस बीच आदित्यपुर नगर निगम द्वारा शपथ पत्रदायर कर माननीय उच्च न्यायालय को बताया गया कि रोड रेस्टोरेशन का कार्य 98.16 % पूरा नहीं हुआ है. इस सुनवाई रिपोर्ट के बाद माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में सीवेज सिस्टम एवं पेयजल आपूर्ति की सत्यता की जांच के लिए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला को जिम्मेदारी दी है कि वह सभी बिंदुओं पर निरीक्षण एवं जांच कर चार सप्ताह के अंदर माननीय उच्च न्यायालय को रिपोर्ट करें. उक्त जानकारी याचिकाकर्ता अधिवक्ता ओम प्रकाश ने दी.




