
रांची: सरायकेला खरसावां जिले के जिला खनन पदाधिकारी जिले सहित राज्य के राजधानी में भी फिल्मी स्टाइल में 16 गाड़ियों को पड़कर चर्चा का विषय बने हुए हैं। जहां क्षेत्र के बालू माफियाओं में कार्रवाई से दहशत और हड़कंप मचा हुआ है। वहीं क्षेत्र में अभी समाचार लिखे जाने तक एफआईआर नहीं होने से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है। जितनी मुंह उतनी बातें हो रही है। कोई कहता है राजनीतिक दबाव के कारण अभी तक एफआईआर नही हुआ। कोई कहता है होगा भी नहीं, कोई कुछ तो कोई कुछ कह रहा है। जिला खनन पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो जिला खनन पदाधिकारी ने कार्रवाई करने और गाड़ी पकड़ने की बातें कही। लेकिन शाम 5:14 मिनट तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर जब डीएमओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था ।वही पूरे मामले में चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी शुभ्रा रानी से संपर्क करने का प्रयास किया गया ।परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। पूरे मामले की जानकारी के लिए फिर जिले के उपायुक्त से संपर्क किया गया ।परंतु उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया। वहीं इचागढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक मेरे पास एफआईआर करने के लिए पेपर नहीं आया है । बता दे की
सरायकेला जिले के इचागढ़ थाना क्षेत्र के बीरडीह में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपति को गुप्त सूचना मिली कि वहां अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने खुद अभियान चलाकर 16 हाईवा ट्रक और एक जेसीबी मशीन को जप्त कर लिया।इस कार्रवाई के दौरान सतपति ने नाटकीय ढंग से बाराती के रूप में उक्त स्थान में प्रवेश किया। यह कदम इसलिए उठाया गया क्यों कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा था। जप्त किए गए सभी वाहन इचागढ़ अंचल अधिकारी को सुपुर्द किए गए है। सभी हाईवा ट्रक और जेसीबी मशीनें एक रसूखदार व्यक्ति की हैं, जो गठबंधन वाली पार्टी का बड़ा चेहरा है। इसलिए किसी भी गाड़ी पर एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है। जानकारी के अनुसार दो गाड़ियों में अवैध खनन किए हुए बालू लदे पाए गए।
खनन पदाधिकारी को सुरक्षा नहीं मिली थी, लेकिन उपायुक्त से शिकायत करने के बाद पुलिस की टीम आई और यह अभियान चलाया गया। जब तक पदाधिकारी पहुंचे, 14 ट्रकों को अनलोड कर दिया गया था। हालांकि, सभी हाईवा जप्त कर लिए गए। मौके से किसी भी हाईवा में चालक और चाबियां नहीं मिलीं।
देखना अब यह है की राजनीतिक दबाव मे बालू माफियाओं की गाड़ी छूटती है या प्रशासन एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करती है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।






