रांची : सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए निर्धारित राशन पर अवैध रूप से कब्जा जमाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। ऐसे लोग, जिन्होंने गलत जानकारी देकर या अपात्र होने के बावजूद राशन कार्ड के माध्यम से सरकारी अनाज का लाभ लिया है, अब उनसे न केवल उस अनाज का मूल्य वसूला जाएगा, बल्कि निर्धारित ब्याज सहित राशि भी जमा करानी होगी।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीबों के हक का एक-एक दाना सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए राशन कार्डों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, आर्थिक रूप से संपन्न परिवार या अन्य अपात्र लोग यदि पीडीएस का लाभ लेते पाए गए, तो उनके राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे और उनसे अब तक लिए गए अनाज की कीमत ब्याज सहित वसूली जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कई जिलों में जांच के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र लाभुकों की पहचान हुई है।

ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी गरीबों के अधिकारों का हनन करने का साहस न कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। हालांकि, अधिकारियों के लिए यह भी जरूरी होगा कि जांच निष्पक्ष हो और वास्तविक जरूरतमंद किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करें। सरकार की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश है कि गरीबों के हिस्से का अनाज हड़पने वालों को अब राहत नहीं मिलेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों से ब्याज सहित वसूली की जाएगी और गरीबों के अधिकारों की हर हाल में रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।






