झारखंड ( रांची ) : आज के बदलते इस दौर में समाज भी तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही नशे की लत भी एक गंभीर सामाजिक बीमारी बनकर उभर रही है। युवा वर्ग, जो देश का भविष्य है, नशे की गिरफ्त में आकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे है। उक्त बातें डीआईजी फायर एंड होम गार्ड अजय लिंडा ने नशा मुक्त झारखंड अभियान के दौरान कहीं।

नशा केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि परिवार, समाज और देश की समग्र प्रगति में भी बाधा बनता है। ऐसे में नशे के विरुद्ध युद्ध छेड़ना और इस दिशा में ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। नशे की समस्या को केवल कानून के बल पर नहीं रोका जा सकता, इसके लिए सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। सरकार ने विभिन्न योजनाओं और अभियानों जैसे नशा मुक्त भारत अभियान के माध्यम से इस समस्या से निपटने की कोशिश की है। स्कूलों, कॉलेजों और जनता में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा सके। परिवार की भूमिका भी इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दें, उनके साथ संवाद बनाए रखें और किसी भी गलत संगति से बचाने की कोशिश करें। साथ ही, समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि नशे की वस्तुओं की उपलब्धता और बिक्री पर सख्त नियंत्रण हो।नशे से बचाव के लिए खेल, योग, संगीत और रचनात्मक गतिविधियाँ अपनाना उपयोगी हो सकता है। जब युवा अपने जीवन का उद्देश्य समझेंगे और सकारात्मक दिशा में ऊर्जा लगाएंगे, तब वे नशे जैसे विनाशकारी रास्तों से दूर रहेंगे। इसके अलावा, जिन लोगों को नशे की लत लग चुकी है, उनके लिए पुनर्वास केंद्र और मानसिक स्वास्थ्य सहायता आवश्यक है। ऐसे लोगों को दुत्कारने की बजाय सहानुभूति और सहयोग देना चाहिए ताकि वे दोबारा सामान्य जीवन में लौट सकें। नशे के विरुद्ध यह युद्ध तभी सफल होगा जब हम सब मिलकर इसे एक जनआंदोलन बनाएँ। हमें न केवल खुद जागरूक बनना है, बल्कि दूसरों को भी जागरूक करना है। तभी हम एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त समाज की ओर बढ़ पाएँगे – जहाँ हर नागरिक अपने सपनों को खुलकर जी सकेगा। एक युद्ध, नशे के विरुद्ध, कदम बढ़ायें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। कोल्हान डीआईजी रहते हुए अजय लिंडा ने कोल्हान में नशे के विरुद्ध बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए ,और जागरूकता अभियान चलाए, जो आज भी आम जनता के बीच प्रेरणा स्रोत है ।




