जमशेदपुर : वर्तमान समय के आधुनिक काल में भी तुगलक जमाने की परंपरा जमशेदपुर के डुमरिया प्रखंड में कायम है।इस प्रखंड के अंतर्गत 90 गांव है,जिसमें से 15 गांव के 118 परिवारों को ग्राम प्रधान के द्वारा बहिष्कृत कर दिया गया है।जिसमें से कई परिवार ऐसे है जो 5 वर्षों से इस प्रताड़ना का दंश झेल रहे है।

इस बारे में टूका मार्डी ने बताया कि एक वर्ष पूर्व गांव में एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो गई थी ग्राम प्रधान और गांव के लोग उसका अंतिम संस्कार करने के बजाय दूसरे गांव में आयोजित समारोह में चले गए थे,तब वह और उसकी घर की महिलाओं ने अंतिम संस्कार की थी,जिसे लेकर ग्राम प्रधान ने उसके खिलाफ जाने का हवाला देकर बहिष्कृत कर दिया। इसी तरह अन्य परिवारों को भी उसके ग्राम प्रधान के विरुद्ध जाने के खिलाफ गांव से बहिष्कृत कर दिया गया है,जिस वजह से इन 118 परिवारों को गांव वालों से बात चित करने एवं दुकान से समान लेने पर रोक है साथ ही शादी समारोह गांव में भी करने और किसी की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार करने पर भी पाबंदी है।जिस वजह से इन्हें काफी परेशानी होती है,इस फरमान पर रोक लगाने की मांग को लेकर बहिष्कृत परिवार वालो ने उपायुक्त से भेंट की।इन परिवार वालो ने चेतावनी दी कि अगर इसका समाधान नहीं होता है तो सभी धर्म परिवर्तन कर लेंगे।




