रांची : राज्य के पुलिस विभाग के प्रमुख डीजीपी तदाशा मिश्रा द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार एक माह पूर्व लिए गए खुद अपने ही फैसले को पलट दिया गया है। पूर्व के अपने जारी एक आदेश में संशोधन करते हुए पुलिस शिकायत प्रकोष्ठ से संबंधित समिति की जिम्मेदारी स्वयं संभालने का निर्णय लिया है। इस कदम को विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पूर्व में इस समिति का नेतृत्व किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा गया था, लेकिन नए आदेश के बाद इसकी कमान सीधे पुलिस प्रमुख डीजीपी तदाशा मिश्रा के हाथों में आ गई है। माना जा रहा है कि इससे विभागीय मामलों की निगरानी और अधिक सशक्त तरीके से हो सकेगी तथा कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मामलों पर शीघ्र निर्णय लिया जा सकेगा। यह समिति मुख्य रूप से पुलिस अधिकारियों और जवानों से संबंधित सेवा मामलों, विशेषकर पदस्थापन और स्थानांतरण से जुड़े आवेदनों एवं आपत्तियों पर विचार करती है। इसके साथ ही विभिन्न शिकायतों की जांच कर उचित अनुशंसा देने का दायित्व भी समिति के पास रहता है।

समिति में पुलिस प्रमुख के अतिरिक्त तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। सामूहिक निर्णय प्रणाली के माध्यम से विभिन्न मामलों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे निर्णयों की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता बढ़ेगी। पुलिस प्रशासन से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था से विभाग के भीतर कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में तेजी होगी, लंबित प्रकरणों की निपटारा जल्दी होंगे। आने वाले समय में समिति के कार्यों और उसके प्रभाव पर सभी की नजर रहेगी। यदि यह व्यवस्था अपेक्षित परिणाम देती है, तो पुलिस प्रशासन में जवाबदेही, दक्षता और विश्वास को नई मजबूती मिलेगी। यह बदलाव झारखंड पुलिस के प्रशासनिक ढांचे को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






