जमशेदपुर : भारतीय शिक्षा दिवस के तहत भारतीय शिक्षा सप्ताह केअवसर पर आज क्लासेस, साकची, जमशेदपुर में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, प्रकल्प: प्रतियोगी परीक्षा द्वारा एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किशोर कुमार प्रसाद (प्रांत संयोजक, विद्यालयीन शिक्षा) ने भारतीय शिक्षा की मूल अवधारणा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा भारतीय ज्ञान परंपरा पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा बचाओ आंदोलन भारतीय शिक्षा को उसकी मूल सांस्कृतिक, राष्ट्रीय एवं नैतिक चेतना से जोड़ने का एक व्यापक जन-आंदोलन है।
इसका उद्देश्य शिक्षा को भारतीय जीवन-मूल्यों, राष्ट्रभाव, चरित्र निर्माण तथा समाजोपयोगी दृष्टि से समृद्ध करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास देशभर में भारतीय शिक्षा दिवस, भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा मूल्यपरक शिक्षा से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन करता है। श्री प्रसाद ने कहा कि भारतीय शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारित, आत्मनिर्भर, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय महापुरुषों के प्रेरक जीवन, भारतीय भाषाओं के सम्मान, सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनी नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान, मातृभाषा आधारित शिक्षा तथा समग्र व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल देती है। यदि इन सिद्धांतों को व्यवहार में उतारा जाए तो भारत ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में पुनः विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, अनुशासन, स्वाध्याय, सामाजिक सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया। सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर भारतीयता से युक्त, मूल्यपरक एवं राष्ट्रोन्मुख शिक्षा के प्रसार का संकल्प लिया।
अंत में वक्ता ने कहा कि भारतीय शिक्षा दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान को भारतीयता, संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय चेतना का केंद्र बनाने का संकल्प दिवस है। आज के इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, प्रकल्प: प्रतियोगी परीक्षा के प्रांत संयोजक नारायण त्रिगुण ने भारतीय शिक्षा सप्ताह के उद्देश्यों को रेखांकित किया। शिक्षा बचाओ आंदोलन एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के विषय पर भी इन्होंने प्रकाश डाला।






