
सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर आवास बोर्ड कार्यालय पहुंचकर संघर्ष समिति द्वारा उग्र आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए बड़ी संदेश दी है।आवास बोर्ड द्वारा रेंटल कॉलोनी डब्ल्यू टाइप को डिस्मेंटल कराने को लेकर बोर्ड इन दिनों सर्वे करा रही है. जिसको लेकर डब्ल्यू टाइप संघर्ष समिति आंदोलनरत है. गुरुवार को संघर्ष समिति के द्वारा सर्वे रद्द करने को लेकर आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपा है. बता दें कि 60 साल पुरानी आवास बोर्ड की डब्ल्यू टाइप कॉलोनी के फ्लैट जर्जर घोषित हो चुके हैं. डब्ल्यू टाइप फ्लैट के विरुद्ध हो रहे सर्वे-कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर पिछले दिनों सीएम चंपाई से पूर्व उपाध्यक्ष पुरेन्द्र और पूर्व पार्षद रंजन सिंह मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन से मिले थे. मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया है. बता दें कि आवास बोर्ड ने डब्ल्यू टाइप क्वार्टर को जर्जर एवं आवास हेतु अयोग्य घोषित कर चुका है. जिसको लेकर इन दिनों बोर्ड का वीकर सेक्शन फ्लैट्स डब्ल्यू टाईप के विरुद्ध सर्वे जारी है. जबकि फ्लैट्स में रह रहे परिवार के लोग की दलील है कि वे लोग फ्लैट्स का जीर्णोद्धार कराकर वर्षों से रह रहे हैं. जिस पर कोलोनी वासी तत्काल रोक लगाने की मांग हो रहे हैं. बता दें कि नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अधिसूचना संख्या-2652, दिनांक 28.10.2020 के आलोक में निजी एजेंसी के माध्यम से आवास बोर्ड अंतर्गत पुराने/जर्जर एवं आवासन हेतु अयोग्य घोषित रेंटल फ्लैट्स, वीकर सेक्शन फ्लैट्स, स्लम तथा जनता फ्लैट का सर्वे कराया जा रहा है. जिसे कोलोनी वासी जन विरोधी, अनुचित बता रहे हैं।
इसकी वजह से यहां रह रहे निवासियों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है. उन्हें अपने सिर से छत छीन जाने की चिन्ता सताने लगी है. क्योंकि सर्वे कराने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों के द्वारा किए जा रहे सर्वे के क्रम में यह बताया जा रहा है कि पुराने, जर्जर और आवासन हेतु अयोग्य घोषित रेंटल फ्लैट्स को ध्वस्त कर वहां नए फ्लैट्स का निर्माण कराया जाएगा. जिससे रहने वाले में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है।





