
जमशेदपुर: पिछले कुछ दिनों के लिए मौसम परिवर्तन होने से जमशेदपुर के लोगों को गर्मी से कुछ राहत तो जरूर मिल रही थी। लेकिन दो दिनों में तापमान ऐसा बढ़ा की आम लोग तपिश के कारण पसीने से तर तर होने लगे स्थिति ऐसी हो गई कि शहर की सड़के 12:00 बजे के बाद से सुनसान दिखने लगी।मजबूर वश अपने कार्यालय, बाजार या अन्य जरूरी काम से निकले लोग अब वे या तो छाता लेकर निकले या फिर कपड़े से मुंह ढक कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। लेकिन फिर भी उन्हें गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी। ऐसे में शहर के विभिन्न चौक चौराहों के दुकानों में गर्मी से राहत देने वाले पेय पदार्थ की ओर लोगों का रुख बढ़ने लगा चाहे वह घरेलू पदार्थ सत्तू का दुकान हो, दूध का बना हुआ ठंडा लस्सी या फिर प्रतिष्ठित कंपनियों के शीतल पेय सभी जगह इनकी भीड़ देखने को मिली। दुकानदार साल भर यह आशा लेकर फुटपाथ किनारे बैठे रहते है।ताकि ऐसे मौसम में फुटपाथ दुकानदारों का रोज-रोटी चल पड़े और क्यों ना चले गर्मी ही ऐसी है की हर कोई ठंड पदार्थ की ओर बढ़ते हैं।ऐसे में आपको बता दे सबसे पहले लोगों को देसी पेय पदार्थ सत्तू ही दिखता है। जिसकी कीमत ₹20 से लेकर 60 रुपए तक होती है।लोगों को कहना है कि इसमें हर चीज रहता है नींबू प्याज और सत्तू, जो पेट को ठंड पहुंचाती है। वही लस्सी दुकान में भी भीड़ बेतहाशा देखी गई। दुकान मालिक का भी कहना था लस्सी जो बनता है वो 50 से लेकर₹600 तक होती है।जिसे लोग काफी आनंदपूर्वक इसे पीते हैं।जो उसको शरीर के लिए भी लाभदायक है। आपको बता दें इसके अलावा भी कई कंपनियों के द्वारा पेय पदार्थ बाजार में लेकर उतरे हैं। जहां चौक चौराहे में देखने को मिल जाती है
।लेकिन ऐसी परचम गर्मी को लेकर जब एमजीएम अस्पताल के उपाध्यक्ष नकुल चौधरी से बात की तो उन्होंने कहा जिस तरह से गर्मी पड़ रही है इससे हर किसी को धूप से बचना होगा।क्योंकि ऐसी प्रचंड गर्मी में लापरवाही शरीर के लिए घातक सिद्ध हो सकती है।उन्होंने भी कहा की एसे समय में खूब पानी की आवश्यकता है।वही शहर में ऐसी कई घरेलू पदार्थ हैं और फल है जिसे लोग उपयोग कर धूप से बच सकते हैं जो उनके शरीर के लिए फायदेमंद होगी।





