
रांची : झारखंड में बदलते घटनाक्रम और पल-पल बदलते समीकरण के बीच सभी की निगाहें राज्यपाल भवन की ओर टिकी हुई है।ईडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आवास पर किए गए 7 घंटे के पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इसी बीच बदलते घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने के तुरंत बाद ही पहले से तैयार किए गए प्लान पर आगे बढ़ते हुए विधायक दल के नेता परिवहन मंत्री चंपई सोरेन को बनाया गया। विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद चंपई सोरेन 43 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ 47 विधायकों सहित राज्यपाल भवन पहुंचे। जहां राज्यपाल को 43 विधायकों का समर्थन पत्र सौपा गया। राज्यपाल द्वारा पत्र लेकर, देख कर, उन्हें बुलाने की बातें कही गई है। इसको लेकर सभी की निगाहें राज्यपाल भवन की ओर टिकी हुई है, कि कब बुलाहट आएगी। वहीं सूत्रों के अनुसार बुलाहट आती है तो, मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के साथ कांग्रेस से दो उपमुख्यमंत्री आलमगीर आलम और बना गुप्ता सहित सात मंत्री और शपथ ले सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गिरफ्तारी के बाद से ईडी दफ्तर में ही रात मे रखा गया है। नियमा अनुसार उन्हें आज मेडिकल करा कर कोर्ट में प्रस्तुत कर ईडी रिमांड पर ले सकती है। कल्पना सोरेन पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जाकर गिरफ्तारी के बाद मिलकर बात की। झारखंड में पल-पल बदलती राजनीतिक समीकरण के बीच सभी की निगाहें राज्यपाल भवन की ओर टिकी हुई है।




