रांची: रांची जिले के नर्कोपी थाना क्षेत्र में अंधविश्वास और अमानवीय अत्याचार से जुड़े चर्चित कांड संख्या 14/26 में फरार चल रहे अभियुक्तों के खिलाफ थाना प्रभारी शैलेंद्र टुडू ने छापेमारी करते हुए, कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। न्यायालय के आदेश पर बुधवार को नर्कोपी थाना प्रभारी शैलेंद्र टुडू ने पुलिस टीम के साथ ग्राम सरवा पहुंचकर सभी फरार अभियुक्तों के घरों पर विधिवत इश्तहार चिपकाया तथा ढोल-नगाड़े के साथ मुनादी कर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार बंधाईन उरांव, चम्पा उरांव, बिनोद उरांव उर्फ बिनोद लकड़ा तथा आनंद उरांव उर्फ आनंद लकड़ा नामजद अभियुक्त हैं। आरोप है कि इन लोगों ने धान के बोरे उठाने के लिए एक मजदूर को अपने घर में काम पर रखा था। इसी दौरान 20 हजार रुपये चोरी होने के संदेह में अंधविश्वास के आधार पर मजदूर को अमानवीय यातनाएं दी गईं। आरोपियों ने कथित रूप से पहले पीड़ित से कसम खिलवाई, उसके हाथ में गोबर लगवाया और फिर उबलते गर्म पानी में उसका हाथ जबरन डुबो दिया। पीड़ित दर्द से तड़पता रहा, लेकिन उसका मुंह दबाकर हाथ को तब तक गर्म पानी में रखा गया, जब तक वह पूरी तरह झुलस नहीं गया।

गंभीर रूप से घायल मजदूर को परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने संक्रमण और गंभीर स्थिति के कारण उसका हाथ काटना पड़ा।घटना के बाद से सभी नामजद अभियुक्त फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कई बार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद न्यायालय से इश्तहार जारी होने पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके घरों पर नोटिस चस्पा किया है।
थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार टुडू के नेतृत्व में एएसआई राम नगीना प्रसाद, थाना पुलिस बल एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में कार्रवाई की गई है। मुनादी के माध्यम से स्पष्ट घोषणा की गई कि यदि सभी फरार अभियुक्त 10 दिनों के भीतर न्यायालय अथवा नर्कोपी थाना में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, उनके विरुद्ध कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। वहीं
थाना प्रभारी शैलेंद्र टुडू ने कहा कि “कानून से कोई भी ऊपर नहीं है। अंधविश्वास के नाम पर किसी भी प्रकार की बर्बरता और अमानवीय कृत्य को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






