रांची : झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में दवा खरीद को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। रांची जिले में दवाओं की खरीद के दौरान कम कीमत वाले ई-निविदा प्रस्तावों को नजरअंदाज कर ऑनलाइन सरकारी खरीद मंच के माध्यम से कई दवाएं अत्यधिक दरों पर खरीदी गईं।
जांच में सामने आया कि कुछ दवाओं के लिए निर्धारित निविदा दर की तुलना में कई गुना अधिक राशि चुकाई गई, जिससे सरकारी धन का बड़ा नुकसान हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, ओफ्लॉक्सासिन और ओनडानसेट्रॉन जैसी सामान्य उपयोग की दवाओं के अलावा मल्टीविटामिन, एम्लोडिपिन और ग्लाइमेपिराइड जैसी दवाओं की खरीद में भी मूल्य अंतर देखने को मिला। विशेष बात यह है कि जिन दवाओं के लिए पहले कम दर पर निविदा स्वीकृत हुई थी, बाद में उन्हीं उत्पादों की खरीद अधिक कीमत पर की गई।

इस मामले ने खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब कम लागत पर दवाएं उपलब्ध थीं, तब अधिक मूल्य पर खरीद का निर्णय क्यों लिया गया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया निर्धारित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की गई। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक निर्णयों और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





