रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हल चलें तेज हो गई है, और गतिविधियां बढ़ गई हैं। चुनाव के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं को देखते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने विभिन्न पार्टियों के बैठक और होटल पर अपनी निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए एसीबी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है। राजनीतिक गलियारों में अक्सर राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों के संपर्क, आवागमन और आर्थिक लेन-देन को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में एसीबी ने संबंधित सूचनाओं के संकलन तथा आवश्यक जांच की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत किया है।

यदि किसी प्रकार की अवैध लेन-देन, प्रलोभन या प्रभाव डालने की शिकायत सामने आती है, तो उस पर सूत्रों के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है। हॉर्स ट्रेडिंग जैसी गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं और जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं।इसी कारण निगरानी एजेंसियों की सक्रियता को बढ़ा दी गई है।





