रांची : सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ अपराध के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। हाल के दिनों में हनी ट्रैप गैंग की सक्रियता तेजी से बढ़ी है, जो खासकर युवाओं और अकेले रहने वाले लोगों एवं अन्य लोगों को निशाना बना रहे हैं। ये गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहले दोस्ती करते हैं, फिर धीरे-धीरे भावनात्मक संबंध बनाकर अपने जाल में फंसा लेते हैं।
हनी ट्रैप का तरीका बेहद सुनियोजित होता है। पहले आकर्षक प्रोफाइल के जरिए संपर्क किया जाता है, फिर मीठी-मीठी बातों से विश्वास जीता जाता है। इसके बाद मिलने का प्रस्ताव दिया जाता है या वीडियो कॉल के जरिए अश्लील हरकतें करवाई जाती हैं, जिसे रिकॉर्ड कर लिया जाता है। बाद में इसी वीडियो या तस्वीर के आधार पर ब्लैकमेलिंग शुरू होती है। कई मामलों में पीड़ितों से मोटी रकम वसूली जाती है, और पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती है।
कुछ मामलों में तो अपराधी मिलने के बहाने बुलाकर लूटपाट या अपहरण जैसी घटनाओं को भी अंजाम देते हैं। झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे पुलिस भी सतर्क है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है। फिलहाल धनबाद के लोयाबाद के मामला काफी-अभी चर्चाओं में है।
इस तरह के अपराध से बचने के लिए जरूरी है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें। अपनी निजी जानकारी, फोटो या वीडियो किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। याद रखें, थोड़ी सी सावधानी ही आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।




