Saraikela (संजीव मेहता) : झारखंड की लाइफलाइन माने जाने वाले टाटा-रांची मार्ग (NH-33) पर चिलगु पुल का धीमा निर्माण अब लोगों की जान पर भारी पड़ता जा रहा है. पिछले साल जर्जर पुल को तोड़ने के बाद भी महीनों बीत गए, लेकिन अब तक निर्माण कार्य में कोई खास प्रगति नहीं दिखी है. इस कारण सड़क को सिंगल लेन में बदल दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, अव्यवस्थित डायवर्जन, टूटी सड़कें और धूल-धक्कड़ की वजह से यहां अब तक 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. यह इलाका धीरे-धीरे “ब्लैक स्पॉट” बनता जा रहा है. जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और वे प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य में तेजी लाने और सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं. सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर तुरंत कदम उठाएगा या हादसों का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?




