रांची : झारखंड की राजनीति में आज एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला, जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रमुख नेता चंपई सोरेन को उनके घर में ही रोका गया। वे नगड़ी क्षेत्र में होने वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे, जहां स्थानीय निवासियों के हितों से जुड़ी समस्याएं उठाई जानी थीं। सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्हें सुबह से ही बाहर निकलने नहीं दिया गया।

उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि यह प्रदेश के वास्तविक प्रतिनिधियों की आवाज को दबाने की कोशिश है। नगड़ी इलाका हाल के दिनों में विवादों में रहा है, खासकर वहां हो रहे ज़मीन अधिग्रहण को लेकर। ग्रामीण समुदाय का आरोप है कि बिना उनकी सहमति के उनकी जमीनें ली जा रही हैं, जबकि पुनर्स्थापन या किसी तरह का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा। प्रशासन की तरफ से अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। इस घटनाक्रम से राज्य में चल रही राजनीतिक बहस को नई दिशा मिल सकती है।



