रोहतास : काराकाट थाना क्षेत्र अंतर्गत गच्छई निवासी उपेंद्र सिंह के 23 वर्षीय पुत्र बीरेंद्र सिंह का शव गांव पहुंचते हीं घर में कोहराम मच गया । वहीं पूरे गांव में मातम पसर गया है । गौरतलब हो कि मृतक बंगलोर विधानसभा में सीजीएलजेएसओ के पद पर कार्यरत था । वह हाल में हीं कंपटीशन पास कर 26 अप्रैल 2025 को इस पद पर ज्वाइन किया था । उसके पूर्व वह सीआरपीएफ में था । परीक्षा का रिजल्ट आने पर सीआरपीएफ की नौकरी छोड़ कर बंगलोर विधानसभा में ज्वाइन किया था । परिजनों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह उत्तर प्रदेश के विंध्याचल थाना से फोन आया कि बीरेंद्र सिंह का एक्सीडेंट हो गया है । सूचना पर परिजन वहां पहुचे तो उनकी मौत हो चुकी थी । पुलिस पोस्मार्टम कराकर शव परिजनों को सौप दिया । पुलिस ने बताया कि बीरेंद्र सिंह का शव विंध्याचल से करीब एक किलोमीटर दूर प्रयागराज जाने वाले रेलवे ट्रैक पर पाया गया । साथ ही पास में हीं बैग पड़ा था ।

जिसमें कपड़ा,खाने-पीने का सामान आदि था । पैकेट में मिले पर्स में पैन कार्ड,वोटर आईडी,आधार कार्ड और कुछ नगदी पाया गया । बीरेंद्र की मौत कैसे हुई यह अभी स्पष्ट नहीं हो पायी है । हालांकि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है । बीरेंद्र सिंह एक मेधावी छात्र था । परिवार के लोगों को उनसे काफी उम्मीद थी । बीरेंद्र की मौत ने उनके उम्मीदों पर पानी फेर दिया । उधर भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रोफेसर बलीराम मिश्रा ने मृतक बीरेंद्र सिंह के परिवार से मिल कर साहस देते हुए कहा कि कष्ट के घरी में मै आप सबों के साथ हूं तथा जब भी जरूरत हो आप सभी हमे याद करे मै आप को यथा सम्भव सहयोग करूंगा ।




