रांची : एमएस भाटिया, महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी विभाग, रांची द्वारा गृह रक्षा वाहिनी के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए संबंधित जिलों को निर्देशित किया गया है। होमगार्ड और फायर विभाग के डीआईजी अजय लिंडा ने बताया कि एमएस भाटिया,महानिदेशक- सह-महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी विभाग, द्वारा सभी संबंधित जिलों के समादेष्टाओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अपने-अपने जिलों में रिक्त पदों के अनुरूप बहाली प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने संबंधित समादेष्टाओं को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों के उपायुक्तों के साथ समन्वय स्थापित कर इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करें।

निर्देश मिलते ही कई जिलों ने कार्रवाई आरंभ कर दी है। चाईबासा जिले में बहाली प्रक्रिया से संबंधित विज्ञप्ति संख्या 01/2025 जारी कर इसे समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से प्रकाशित किया जा चुका है। यहां पश्चिम सिंहभूम में टोटल रिक्ति 987 है। जिसमें 500 पुरुष और 487 महिला है। वहीं रांची जिले में भी इसी प्रकार की विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है। जिससे इच्छुक अभ्यर्थियों को समय पर सूचना मिल सके और वे आवेदन की प्रक्रिया में भाग ले सकें। कोडरमा जिला इस दिशा में और भी एक कदम आगे बढ़ चुका है। यहां 320 की बहाली प्रक्रिया न केवल पूर्ण हो चुकी है, बल्कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। वही सरायकेला खरसावां जिले में भी गृह रक्षकों के नव नामांकन के लिए उपायुक्त से स्वीकृति ले ली गई है। जहां 446 रिक्ति के विरुद्ध शीघ्र विज्ञापन निकालकर प्रचार प्रसार करते हुए नव नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए सातवां पास और शहरी क्षेत्र के लिए दसवीं पास अनिवार्य है। शहरी क्षेत्र के तकनीकी दक्ष अभ्यर्थियों के लिए 50% मार्क्स छूट दिए जाते हैं। जिसका समिति द्वारा इंटरव्यू लिया जाता है। समिति के अध्यक्ष उपायुक्त, और पुलिस अधीक्षक एवं जिला समादेष्टा सदस्य होते हैं।गृह रक्षा वहिनी की प्रखंड वार नियुक्तियां होती है। वर्तमान में कुल गृह रक्षा वाहिनी के प्रभावी बल 21000 करीब है, और होने से और प्रभावी बल बढ़ेंगे।
इस पूरे प्रक्रिया का उद्देश्य न केवल रिक्तियों को भरना है, बल्कि राज्य में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूती भी देना है। गृह रक्षा वाहिनी राज्य में आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था तथा कानून व्यवस्था को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस बहाली प्रक्रिया से राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कुल मिलाकर, यह पहल राज्य में सुरक्षा, सेवा और संरचना को एक नई दिशा देने वाला कदम है।




