पुरी : ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। मंगलवार को विशाल रथों का निर्माण कार्य पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। परंपरा के अनुसार, हर वर्ष की भांति इस बार भी तीन अलग-अलग रथ हाथ से बनाए जा रहे हैं, जिन्हें शुद्ध लकड़ी से तराशा जा रहा है।

सैकड़ों दक्ष शिल्पकार इस धार्मिक कार्य में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के लिए विशिष्ट रथों का निर्माण ग्रैंड रोड पर किया जा रहा है, जो इस उत्सव का मुख्य स्थल है। यह कार्य अक्षय तृतीया से आरंभ होता है और रथ यात्रा के दिन से पहले पूर्ण कर लिया जाता है। इस बार रथ यात्रा 7 जुलाई को निर्धारित है, जिसके चलते कार्यों में तीव्रता आ गई है। इन भव्य रथों को पारंपरिक डिजाइन, विशेष रंगों और शास्त्रीय नक्काशी से सजाया जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का माध्यम भी है। स्थानीय निवासियों से लेकर दूर-दराज़ से आए भक्तों तक, सभी इस अनुष्ठान का हिस्सा बनने को उत्सुक हैं।





