रांची : भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, खासकर पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंक के खात्मे का संकल्प जताया है, वहीं पाकिस्तान की ओर से उकसावे वाले बयान आने लगे हैं।

पाकिस्तानी रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने भारत पर गंभीर धमकी देते हुए अपने देश के मिसाइल और परमाणु संपन्नता का हवाला दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत ने जल प्रबंधन में हस्तक्षेप किया, तो पूर्ण संघर्ष से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उनके देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शांति की उम्मीद जताई और परमाणु टकराव की संभावना को नकारा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने के लिए होते हैं। असल में, दोनों देशों के पास भारी तबाही के संसाधन हैं, जिनका प्रयोग विनाशकारी हो सकता है। वैश्विक स्तर पर भी ऐसे किसी टकराव की कल्पना भयावह मानी जाती है। इसलिए समझदारी इसी में है कि बातचीत और कूटनीति से हल निकाला जाए।




