सरायकेला : चौका थाना क्षेत्र के टुईडुगंरी गांव स्थित गणपति मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा रासायनिक मिश्रण वाला अपशिष्ट जल स्थानीय जुड़िया में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे गांववासियों को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह जलस्रोत ग्रामीणों के दैनिक उपयोग, जैसे स्नान, वस्त्र धोने तथा मवेशियों को पानी पिलाने के लिए प्रमुख साधन है। दूषित जल के कारण इंसानों को त्वचा संबंधी परेशानियां हो रही हैं, वहीं मवेशियों में बीमारियाँ फैल रही हैं और जलीय जीवन को भी क्षति पहुँच रही है।

ग्रामीणों ने एक सप्ताह पहले इस मुद्दे पर कंपनी प्रबंधन से विरोध जताया था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी आग्रह किया था कि यह गंदा जल अन्यत्र निकाला जाए, परंतु कंपनी अपनी गतिविधियों को जारी रखे हुए है। इस जहरीले पानी के चलते मछलियों की भी मृत्यु हो रही है, जिससे पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कर उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सशक्त आंदोलन करेंगे।




