रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर कड़ा हमला किया है, आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण 20,000 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए खर्च करने के बजाय सरकारी खजाने में वापस लौट गए। उनका कहना है कि अगर बजट का सही तरीके से उपयोग किया जाता तो राज्य में अधूरी सड़क परियोजनाओं को पूरा किया जा सकता था, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव था, और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो सकते थे।

मरांडी ने मुख्यमंत्री के द्वारा किए गए बड़े विज्ञापनों का भी विरोध किया, जो बजट की सराहना करते हुए जनता को धोखा देने का प्रयास दिखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में प्रकाशित खबरों से यह स्पष्ट है कि बजट की राशि सरेंडर करने से यह सिद्ध होता है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता विकास और रोजगार नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं के दूरदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन की कमी पर भी चिंता जताई, जो इस तरह की वित्तीय विफलताओं का कारण बन रही हैं।




