रांची : धुर्वा थाना के पूर्व प्रभारी व इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई को लेकर झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सीआईडी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस भेजा गया है। आयोग के सहायक रजिस्ट्रार (विधि) बृजवीर सिंह ने निर्देश दिया है कि इस जांच का निष्कर्ष छह सप्ताह के भीतर सौंपा जाए। यदि रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती, तो आयोग पीएचआर अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत सख्त कार्रवाई करेगा।

इससे पहले, तीन अप्रैल 2024 को आयोग ने राज्य पुलिस प्रमुख और सीआईडी एसपी को विभागीय जांच का नतीजा सौंपने को कहा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद 16 अगस्त 2024 को फिर से रिमाइंडर भेजा गया, जिसमें छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया, मगर आयोग को अब तक जानकारी नहीं दी गई। दरअसल, झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दुर्व्यवहार, मारपीट और झूठे मामले दर्ज करने की शिकायत की थी। इस मामले में विभागीय जांच जारी है, लेकिन अब तक इसकी रिपोर्ट आयोग को नहीं सौंपी गई है।




