नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में ‘‘बस्तर ओलंपिक’’ के दौरान अपने संबोधन में नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार उनका पुनर्वास सुनिश्चित करेगी। अमित शाह ने कहा कि माओवादी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है और मार्च 2026 तक देश को माओवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने नक्सलियों से हथियार त्यागकर आत्मसमर्पण करने और समाज के विकास में योगदान देने की अपील की। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार न केवल आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षित पुनर्वास की गारंटी देगी, बल्कि उन्हें रोजगार और बेहतर जीवन जीने का मौका भी प्रदान करेगी।

शाह ने माओवादी समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में विकास और स्थिरता लाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। ‘‘बस्तर ओलंपिक’’ के आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और युवाओं को प्रेरित करने वाला बताया। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से सरकार ने माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में शांति और स्थिरता लाने का लक्ष्य रखा है। अमित शाह का यह बयान न केवल नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करता है, बल्कि सरकार की विकास योजनाओं और सुरक्षा नीति का भी संकेत देता है।




