रांची : राज्य सरकार ने जाति और स्थानीय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए समय सीमा निर्धारित की है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी सिटीजन चार्टर में जिला और अनुमंडल स्तर पर प्रमाण पत्र जारी करने की अवधि 15 और 30 दिन तय की गई है। जिला स्तर पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी उपायुक्त को सौंपी गई है। यदि तय समय सीमा (15 दिन) में प्रमाण पत्र जारी नहीं होता, तो प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील की जा सकेगी। प्रमंडलीय आयुक्त अपील का निपटारा 15 दिनों में करेंगे। यदि यहां भी समाधान नहीं होता, तो द्वितीय अपील प्रधान सचिव या सचिव स्तर पर की जा सकती है, जहां 15 दिनों के भीतर मामला निपटाया जाएगा। अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल अधिकारी को जाति और स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए 30 दिनों की समय सीमा तय की गई है। समय सीमा में प्रमाण पत्र जारी नहीं होने पर उपायुक्त के पास अपील की जाएगी।

यदि वहां भी 15 दिनों में समाधान नहीं होता, तो द्वितीय अपील प्रमंडलीय आयुक्त के पास की जा सकती है, जहां 15 दिनों में फैसला लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को सप्ताह में एक बार शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आम लोगों को समय पर सेवाएं प्रदान करना और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है।




