रांची / अमित कुमार : झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को 28 महीनों की जेल के बाद राहत मिली है। रांची स्थित मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। पूजा सिंघल ने अपनी याचिका में न्यायिक हिरासत की लंबी अवधि के आधार पर रिहाई की मांग की थी। अदालत ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक से जानकारी मांगी थी कि पूजा सिंघल कब से जेल में हैं और उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि कितनी हुई है। जेल अधीक्षक ने अदालत को बताया कि पूजा सिंघल 28 महीनों से जेल में हैं। पूजा सिंघल के वकील ने अदालत को यह तर्क दिया कि नए कानून के अनुसार, यदि किसी आरोपी की न्यायिक हिरासत की अवधि उसके अपराध में दी जाने वाली संभावित सजा की एक-तिहाई अवधि तक पहुंच जाती है, तो उसे जमानत दी जा सकती है। इस तर्क के आधार पर अदालत ने पूजा सिंघल को जमानत की सुविधा प्रदान की।

यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें पूजा सिंघल पर अवैध वित्तीय लेन-देन और धन की हेरफेर के गंभीर आरोप हैं। हालांकि, उनकी रिहाई ने उनके परिवार और समर्थकों को राहत प्रदान की है। यह निर्णय न केवल उनके व्यक्तिगत मामले में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रिया में नए कानून के प्रभाव और व्याख्या को भी दर्शाता है।




