Saraikela (संजीव मेहता) : 2022 का सपना अब पूरा हुआ है. नगर निगम क्षेत्र के काशीडीह में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना के 120 लाभुकों को आज पीएम आवास का सपना पूरा हुआ है.
प्रधानमंत्री आवास योजना के 120 लाभुकों का बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गृह प्रवेश कराया गया. इस मौके पर सिंहभूम सांसद जोबा मांझी ने लाभुकों के बीच घरों की चाबियां सौंपी है. आज आयोजित कार्यक्रम में सांसद जोबा मांझी, सरायकेला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, नगर निगम प्रशासक रवि प्रकाश, उपनगर आयुक्त पारुल सिंह, झामुमों केंद्रीय सदस्य गणेश चौधरी, सांसद प्रतिनिधि केपी सोरेन आदि मौजूद रहे. इस मौके पर सांसद ने पीएम आवास योजना के तहत निर्मित प्लाटों का अवलोकन भी किया. सांसद ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार के प्रयास से रोटी कपड़ा और मकान लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है. बेघर को अब अपना मकान होगा, इसी कड़ी में पीएम आवास योजना है सांसद ने कहा कि शहरी क्षेत्र में जो भूमिहीन थे. झोपड़ी के घरों में रह रहे थे उन्हें अब पक्का मकान देने का प्रयास सरकार ने किया है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में अबुआ आवास के तहत दो कमरे के मकान राज्य सरकार द्वारा दिए जाने के सवाल पर सांसद ने कहा कि यह योजना पूर्णत राज्य सरकार की है. जो केवल ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में लोग परिवार के साथ पशुपालन भी करते हैं, लिहाजा उन्हें दो कमरे का मकान देने की योजना राज्य सरकार ने बनाई है.सांसद ने कहा कि दोनों ही योजनाएं अत्यंत जन उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है. 
आदित्यपुर नगर निगम प्रशासक रवि प्रकाश ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 9 काशीडीह में कुल 780 फ्लैट का निर्माण होना है. जिसमें 23 ब्लॉक बनेंगे. जिसमें पहले चरण में चार ब्लॉक का निर्माण पूरा हो गया है, अन्य 19 ब्लॉक निर्माणाधीन है. उन्होंने बताया कि अगले 3 महीने में अन्य 120 लाभुकों को भी मकान तैयार कर चाबी सौंपी जाएगी.
प्रधानमंत्री आवास योजना में एक फ्लैट की लागत 6 लाख 42 हजार है, जिसमें भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की ओर से ढाई लाख रुपए प्रति फ्लैट सब्सिडी लाभुकों को दिया गया है. लाभुक को चार किस्त में 3 लाख 92 हजार रुपए प्रति फ्लैट अदा करने के बाद उनके नाम रजिस्ट्री की गई है. गौरतलब है कि आदित्यपुर नगर निगम में प्रस्तावित यह योजना काफी विलंब है इस वर्ष 2022 में पूर्ण किया जाना था.




