रांची : करीब पंद्रह साल से कानून से बचता आ रहा एक कुख्यात उग्रवादी आखिरकार सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया। शुक्रवार को मिली गुप्त जानकारी के आधार पर एसएसबी और डुमरिया थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सीमा से लगे रबदी गांव में छापा मारकर उसे पकड़ा गया। इस सफलता को पुलिस विभाग बेहद अहम उपलब्धि मान रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रदीप यादव झारखंड के पलामू क्षेत्र का निवासी है और बिहार सहित कई इलाकों में उग्र गतिविधियों से जुड़ा रहा है। वर्ष 2012 में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त तलाशी अभियान टीम पर हुए हमले में उसकी संलिप्तता सामने आई थी। इसके अतिरिक्त, हथियार छीनने की योजना के दौरान हुई गोलीबारी में भी उसका नाम सामने आया था, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया था।

लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और एजेंसियों को भ्रमित करता रहा। पकड़े जाने के बाद उसे सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच थाना लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ जारी है। अब पुलिस उसके संपर्कों और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।




