रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने 2026 की मैट्रिक और इंटर परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया में पर्मानेंट एजुकेशन नंबर (PEN) को अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल कर दिया है। इस नए प्रावधान ने छात्रों, माता–पिता और विद्यालयों में बड़ी बेचैनी पैदा कर दी है,क्योंकि कई विद्यार्थियों के पास अभी तक यह विशेष पहचान संख्या उपलब्ध नहीं है।
राज्य के अनेक विद्यालयों का अनुमान है कि लगभग एक-पांचवां से एक-तिहाई छात्र इस वजह से आवेदन करने में असमर्थ रह सकते हैं। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि आधार कार्ड और स्कूल के आधिकारिक रेकॉर्ड में नाम, जन्म तिथि या अभिभावक के नाम में हल्का अंतर होते ही PEN बनाने की प्रक्रिया रुक जाती है। इन विसंगतियों को ठीक कराने में समय लगता है, और छात्र अंतिम तिथि नज़दीक आने के कारण चिंतित हैं।

हालाँकि JAC ने स्पष्ट किया है कि आधार प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन PEN के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, स्कूलों का कहना है कि जब बड़ी संख्या में बच्चों के PEN अभी लंबित हैं, तो निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रपत्र जमा कराना मुश्किल होगा। शिक्षक और प्रधानाचार्य मानते हैं कि दस्तावेज़ दुरुस्ती,सत्यापन और PEN जारी होने में हो रही देरी से विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है। अभिभावक भी आशंकित हैं कि कहीं बच्चे परीक्षा देने से वंचित न रह जाएँ। विशेषज्ञों का सुझाव है कि परिषद PEN जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज बनाए। आवेदन जमा करने की तारीख बढ़ाना भी राहत दे सकता है। इसके अतिरिक्त,आवश्यकता पड़ने पर कोई अंतरिम व्यवस्था या अस्थायी विकल्प उपलब्ध कराया जाए, ताकि हर पात्र छात्र परीक्षा में शामिल हो सके और किसी का शैक्षणिक भविष्य बाधित न हो।






