
जमशेदपुर : जमशेदपुर में केबुल टाउन में अवस्थित बिरला सह श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के जीर्णोद्वार के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्राणप्रतिष्ठा व महायज्ञ के चौथे दिन नगर भ्रमण कार्यक्रम में झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसके पाठक, पटना महावीर मंदिर न्यास बोर्ड के किशोर कुणाल जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अनिल मिश्रा सहित शहर के कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए । इस दौरान झारखंड उच्च न्यायालय के वरीय न्यायमूर्ति श्री एस. एन. पाठक ने कहा कि मैं यहां सारे प्रोटोकॉल तोड़ कर आया हूं क्योंकि यहां मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य हो रहा है। यह मेरी आस्था का सवाल है। धर्म तर्क का विषय नहीं, आस्था का विषय है। मैं मानता हूं कि हमारे संविधान में लिखित सेक्युलरिज्म हमारे पुराने और पवित्र ग्रंथ रामायण में भी है। वही श्री महावीर मंदिर, पटना के संरक्षक और पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने कहा है कि किसी नए मंदिर के निर्माण से ज्यादा अहम है किसी पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार करना। मंदिर का जीर्णोद्धार ज्यादा महत्वपूर्ण काम है हमे भ्रम, भ्रांति से बचना जरूरी है। सरयू राय ने तमाम भ्रांतियों को खत्म कर ही जीर्णोद्धार का काम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर ऐसा बनना चाहिए, जो जन के लिए हो और जिसका मकसद जनकल्याण ही हो। और कुछ नहीं। जनता का पैसा मंदिर में लगे और उस पैसे से जनकल्याण हो तो मंदिर की महत्ता बढ़ जाती है। उन्होंने इस मंदिर को झारखंड के लिए शुभ संकेत बताया। यह मंदिर शानदार तरीके का बनेगा और युगों-युगों तक लोग इस मंदिर की तारीफ करेंगे।
इधर नगर भ्रमण कार्यक्रम के तहत मंदिर प्रांगण से संध्या काल में सभी देवी-देवताओं के विग्रहों को गाड़ियों में बिठाकर नगर भ्रमण कराया गया। इस नगर भ्रमण कार्यक्रम में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भ्रमण कार्यक्रम में भक्त लोग झूमते-नाचते और प्रभु का जयकारा लगाते हुए चल रहे थे। संध्या काल में नगर भ्रमण के पश्चात श्री भगवान जी का श्य्याधिवास कराया गया।





