Saraikela (संजीव मेहता) : जमशेदपुर के हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है. राज्य सरकार की नई शिक्षा व्यवस्था के तहत सत्र 2026-30 से सरकारी कॉलेजों में साइंस की पढ़ाई अब हर कॉलेज में उपलब्ध नहीं होगी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर में केवल ग्रेजुएट कॉलेज, को-ऑपरेटिव कॉलेज और एलबीएसएम कॉलेज में ही साइंस विषयों में नामांकन किया जाएगा.
इन तीनों कॉलेजों में कुल 990 सीटें निर्धारित की गई हैं. अब तक शहर के चार सरकारी कॉलेजों में साइंस की पढ़ाई होती थी, लेकिन नई व्यवस्था के बाद एक कॉलेज से यह सुविधा समाप्त हो जाएगी. सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना, आधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास, विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है. इसके साथ ही शोध और प्रायोगिक शिक्षा को भी अधिक मजबूत बनाने की योजना है. हालांकि, इस फैसले से कई छात्रों की चिंता भी बढ़ गई है.

अब पसंद के कॉलेज में दाखिला लेना आसान नहीं होगा. कई विद्यार्थियों को अपने घर से दूर स्थित कॉलेज में प्रवेश लेना पड़ सकता है, जिससे आने-जाने का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे..सीमित सीटों के कारण प्रवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी होने की संभावना है और अच्छे अंकों वाले छात्रों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो भविष्य में अन्य विषयों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा सकती है. फिलहाल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की नजर इस बात पर है कि यह बदलाव शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाता है या विद्यार्थियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी करता है.






