रांची : झारखंड के चर्चित आबकारी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच को नया आयाम देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके पुत्र रोहित उरांव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश को तलब किया है। एजेंसी ने निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने के साथ जरूरी अभिलेख भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि राज्य की नई आबकारी व्यवस्था और लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया के दौरान कुछ निजी संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
इसी संभावना की पुष्टि के लिए कई प्रभावशाली व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से जुड़ी कुछ कंपनियों की झारखंड में कारोबारी भागीदारी की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। ईडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज प्रकरण को अपने अधीन लेकर ईसीआईआर दर्ज किया था। इसके बाद संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, धन के प्रवाह और निर्णय प्रक्रिया की विस्तृत जांच शुरू की गई।

इस दौरान हिरासत में मौजूद कुछ आरोपियों से भी पूछताछ की जा चुकी है। इससे पहले एसीबी ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए तत्कालीन अधिकारियों समेत कई लोगों को आरोपी बनाया था। अब एजेंसी दस्तावेजों, आर्थिक रिकॉर्ड और प्रशासनिक निर्णयों की गहन समीक्षा कर रही है। राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में इस कार्रवाई पर विशेष नजर बनी हुई है, क्योंकि पूछताछ से मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।





