रांची : टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकलस के अध्यक्ष एन. चन्द्रशेखरन ने गोवा में आयोजित डीलर बिजनेस प्लानिंग मीट 2026 में भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि यदि 2030 तक देश का कार बाजार 60 लाख इकाइयों तक पहुँचता है, तो कंपनी को 12 लाख वाहनों की बिक्री और 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए संस्था ने 2030 तक 35,000 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिसकी समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में यात्री वाहन कारोबार को बंद करने की चर्चाएँ चल रही थीं, लेकिन आज कंपनी देश की अग्रणी वाहन निर्माताओं में शामिल है। उनके अनुसार, कई वर्ष पहले शुरू की गई इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पहल अब प्रतिस्पर्धात्मक लाभ का मजबूत आधार बन चुकी है।

बदलते वैश्विक रुझानों और बढ़ती उपभोक्ता रुचि ने इस दिशा को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है। चंद्रशेखरन ने कहा कि भविष्य की सफलता केवल नए मॉडल या निवेश से नहीं, बल्कि प्रभावी क्रियान्वयन, पर्याप्त उत्पादन क्षमता और ग्राहकों को उत्कृष्ट अनुभव देने से सुनिश्चित होगी। उन्होंने डीलर नेटवर्क को संगठन की प्रगति का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए बिक्री, सेवा और ग्राहक संतुष्टि में उनकी भूमिका को निर्णायक बताया।





